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दक्षिण अफ्रीका

असर पड़ना

क्रिसलिस एकेडमी, युवा विकास केन्‍द्र के द्वारा तीन म‍हीने का युवा और कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जाता है जिसके एक अंश के रूप में ब्रह्माकुमारीज के केप्‍टाउन सेन्‍टर द्वारा हर हफ्ते उपचार पद्धति द्वारा मेडिटेशन सिखाया जाता है। इस कार्यक्रम में युवा लोग अक्‍सर पूर्व जीवन में हाशिये पर धकेले गये या बेरोजगार या फिर व्‍यसनी युवा होते हैं। इस कार्यक्रम को मुख्‍यत: सामाजिक विकास के प्रान्‍तीय विभाग, व्‍यावसायिक, सहयोगी और गैर सरकारी संगठनों के द्वारा चलाया जाता है। ब्रह्माकुमारीज द्वारा सिखाये जाने वाला योग सहभागियों को स्‍वयं को केन्द्रित कर, रिलैक्‍स करना सीखने के साथ अपने तनाव और गुस्‍से को सम्‍भालने में सहयोग प्रदान करता है।

ट्रिनीडाड

2012 में युवा वर्ष के दौरान ब्रह्माकुमारीज़ के युवा प्रभाग द्वारा यूथ ट्रेनिंग सेन्‍टर में युवा अपराधियों के लिए स्‍पॉट लाइट कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सम्‍मान, स्‍वीकार्यता, स्‍वतंत्रता जैसे विषयों को सम्मिलित किया गया जिसमें `एक्‍सप्‍लोर, एक्‍सप्रेस एण्‍ड एक्‍सचेन्‍ज' (जानिये, व्‍यक्‍त कीजिए और साझा कीजिए) की प्रक्रिया को अपनाया गया। पहली कार्यशाला में 200 युवा पुरूषों ने भाग लिया और स्‍वीकार्यता पर शुरुआती हिचकिचाहट के बाद खुले दिल से अपने विचारों को प्रकट किया। इस कार्यशाला के बाद ना केवल सहभागियों द्वारा परन्‍तु जेल के अधिकारी और गार्डस् के द्वारा भी सकारात्‍मक अभिप्राय मिला। दूसरी कार्यशाला स्‍वीकार्यता पर आयोजित की गई। तीसरा सत्र स्‍वतंत्रता जिसको युवा पुरुषों के लिए उत्‍सव का साधन बना। जिसको रेडियो पर प्रसारित किया गया और सम्‍मानीय मंत्री, लोग और सामाजिक विकास और प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्रियों की उपस्थिति में टीवी पर भी प्रसारित किया गया।

यूएन का महिला स्थिति आयोग

ब्रह्माकुमारीज के युवा महिला स्थिति आयोग के साथ

2007 में युनाइटेड नेशन्‍स में ब्रह्माकुमारीज के कार्यालय द्वारा महिलाओं के एक छोटे समूह को विभिन्‍न खण्‍डों से न्‍यूयॉर्क के युनाइटेड नेशन्‍स के हेड क्‍वार्टर में महिला स्थिति आयोग के कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए एकत्रित करने का निर्णय लिया गया। इस सम्‍मेलन के परिणाम स्‍वरूप भारत, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, यूके और यूएसए की इन युवा महिलाओं को अपने आस-पास की महिलाओं को सहयोग करने के लिए प्रेरणा प्राप्‍त हुई। उन्‍होंने अन्‍य महिलाओं के लिए एक कार्यशाला की रचना की जिसका विषय था:  अपने आन्‍तरिक संसाधनों का जानना – लिंग समानता तथा महिला और युवा लड़कियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।

अपने आन्‍तरिक संसाधनो को पहचानना – लिंग समानता और महिला एवं युवा लड़कियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।

सशक्तिकरण के सही मायने यह नहीं कि केवल पुराने समय से चली आ रही कुरीतियों और जीवन जीने के लिए कौशल सीखने की बातों पर ध्‍यान दिया जाये बल्कि इसमें आन्‍तरिक तरक्‍की और विकास – मन की स्थिति में बदलाव, आन्‍तरिक मामलों से बढ़कर है – क्‍योंकि हमारे रास्‍ते की सबसे बड़ी बाधायें वो हैं जो हम स्‍वयं डालते हैं। हरेक मनुष्‍य के पास आन्‍तरिक संसाधनों का एक सेट है जो कि वर्से में मिले हैं और वो बेहद और सर्वश्रेष्‍ठ हैं। हमारे स्‍व का यही हिस्‍सा हमारी पहचान की बुनियाद में होना चाहिए। इसलिए आत्‍म सम्‍मान दूसरों के लिए सम्‍मान और अन्‍तत: समानता को बढ़ावा देना चाहिए।

 

राष्‍ट्रमण्‍डल युवा मंच (कॉमनवेल्‍थ यूथ फोरम) CYF

युवाओं में शक्ति लगाइये, विश्‍व की बनाये रखिये – राष्‍ट्रमण्‍डल युवा मंच 2009

सी वाइ एफ 7 का आयोजन ट्रिनीडाड और टोबैगो की सरकार के द्वारा राष्‍ट्रमण्‍डल युवा आदान-प्रदान परिषद और राष्‍ट्रमण्‍डल युवा कार्यक्रम के सहयोग से किया गया।

ब्रह्माकुमारीज के द्वारा पांच सदस्‍सीय युवाओं के समूह को पर्यावरण परिवर्तन, आर्थिक विकास, स्थिर जीवनशैली का निर्माण, निर्णय प्रक्रिया और शान्ति की स्‍थापना में युवाओं का सहयोग आदि विषयों पर खुले और विषयान्‍तर्गत कार्यशालाओं में प्रशिक्षण, सहभाग और योगदान देने हेतु आमंत्रित किया गया।

सी वाई एफ की तरफ से अन्तिम विज्ञप्ति को सरकारी मीटिंग के राष्‍ट्र मण्‍डल अधिकारियों को प्रस्‍तुत की गई और उसे राष्‍ट्र मण्‍डल के सचिवालय में प्रस्‍तुत किया गया। इस तरह से राष्‍ट्र मण्‍डल के युवा लोगों को अपना विचार अधिकारी और राज्‍य के सामने रखने का मौका मिला।

अन्तिम विज्ञप्ति को डाउनलोड कर सकते हैं।

हमारी सहभागिता का वीडियो देखिये

विश्‍व धार्मिक संसद

2009 में मेलबर्न आस्‍ट्रेलिया में विश्‍व धार्मिक संसद के युवा प्रभाग द्वारा जो युवा समिति का आयोजन किया गया था उसमें दलाई लामा जी के साथ ब्रह्माकुमारीज का सहभागिता रही। संसद की गतिविधियों के दौरान ब्रह्माकुमारीज के द्वारा यू फर्स्‍ट (पहले आप) प्रोजेक्‍ट प्रस्‍तुत किया गया। इस प्रोजेक्‍ट की रचना युवा के लिए, युवा लोगों द्वारा प्रोत्‍साहित की गई ताकि वे उनके सम्‍पर्क में बने रहें।

  • सकारात्‍मक क्षमता,
  • सकारात्‍मक मूल्‍य,
  • व्‍यवहारिक अभियक्ति

पहले आप यह प्रोजेक्‍ट सम्‍बन्‍धों के बारे में है – सबसे पहले मेरा सम्‍बन्‍ध खुद के साथ, और उसके बाद मेरा औरों से सम्‍बन्‍ध।